• भारत के निर्यात के लिए अमेरिका शीर्ष गंतव्य के रूप में उभरा है। पिछले वित्त वर्ष में अमेरिका को कुल 47.9 अरब डालर मूल्य का निर्यात किया गया। उसके बाद क्रमश: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और हांगकांग का स्थान है।वाणिज्य मंत्रालय ने ट्विटर पर दी जानकारी में कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2018-19 में भारत के लिए अमेरिका शीर्ष निर्यातक बाजार है।
• इस दौरान 47.9 अरब डालर मूल्य का निर्यात किया गया। उसके बाद क्रमश: संयुक्त अरब अमीरात (28.1 अरब डालर) और हांगकांग (14.7 अरब डालर) का स्थान पर रहा।’ वित्त वर्ष 2016-17 में देश का अमेरिका को निर्यात 42.2 अरब डालर मूल्य का रहा। अन्य प्रमुख गंतव्यों में चीन, सिंगापुर, ब्रिटेन, जर्मनी, बांग्लादेश, वियतनाम और नेपाल शामिल हैं।
• पिछले वित्त वर्ष में शीर्ष 10 निर्यातक उत्पादों में पेट्रोलियम, मोती, मूल्यवान और अर्ध मूल्यवान पत्थर, औषधि, इंजीनियरिंग सामान, रसायन, कपड़ा तथा चावल का स्थान रहा। व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू निर्यातकों के लिए अमेरिका हमेशा प्रमुख निर्यात गंतव्य बना रहेगा। भारत के वस्तुओं के कुल निर्यात में उसकी हिस्सेदारी करीब 16 फीसद है।
• इंडियन इंस्टीट्यूट आफ फोरेन ट्रेड के प्रो. राकेश मोहन जोशी ने कहा, ‘‘अमेरिका हमारे लिये बड़ा बाजार है क्योंकि यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। हमें इस बाजार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह हमारे निर्यात के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य आगे भी बना रहेगा।’ वहीं आयात के मामले में भारत के लिए चीन सबसे बड़ा स्रोत रहा।
• वर्ष 2017-18 में 76.3 अरब डालर मूल्य के सामान आयात किए गए। उसके बाद क्रमश: अमेरिका (26 अरब डालर) और सऊदी अरब (22.1 अरब डालर) का स्थान रहा।
• पिछले वित्त वर्ष में जिन प्रमुख वस्तुओं का आयात किया गया उनमें कच्चा तेल (87.4 अरब डालर), मोती – पत्थर (34.2 अरब डालर) तथा सोना (33.7 अरब डालर) शामिल हैं। वर्ष 2017-18 में निर्यात करीब 10 फीसद बढ़कर 303 अरब डालर रहा।