• पृथ्वी पर दिन लंबे हो होते जा रहे हैं। इसकी वजह चांद का पृथ्वी से दूर जाना है। यह बात एक अध्ययन से सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि करीब 1.4 अरब वर्ष पहले दिन केवल 18 घंटे का हुआ करता था।
• प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल अकेडमी ऑफ साइंसेज नामक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में हमारे ग्रह से चांद के संबंध के गहरे इतिहास को पुन: स्थापित किया गया है। इसमें देखा गया कि 1.4 अरब वर्ष पहले चंद्रमा पृथ्वी के ज्यादा करीब था और उसने पृथ्वी के अपनी धूरी पर घूमने के तरीके को बदला।
• अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसोन में प्रोफेसर, स्टीफन मेयर्स के मुताबिक, चांद जैसे-जैसे दूर जा रहा है वैसे-वैसे पृथ्वी एक स्पिनिंग फिगर स्केटर की तरह व्यवहार कर रही है जो अपनी बाहें फैलाने के दौरान अपनी गति कम कर लेता है।
• सरल शब्दों में कहें तो, पृथ्वी की अपनी धुरी पर घूर्णन गति कम होती जा रही है, जिसके चलते दिन लंबे हो रहे हैं। मेयर्स के मुताबिक, हमारी एक महत्वाकांक्षा यह बताने की थी कि सबसे प्राचीन भूवैज्ञानिक समय स्कैल को बनाने के लिए समय सबसे अहम हिस्सा है। इसी को आधार बनाकर हमने अध्ययन किया और उपरोक्त निष्कर्ष पर पहुंचे।
• बता दें कि ब्रह्माण्ड में पृथ्वी के घूमने की रफ्तार अन्य ग्रहों से प्रभावित होती है जो उस पर बल डालते हैं। जैसे कि अन्य ग्रह और चंद्रमा। वैज्ञानिकों ने लाखों वषों की अवधि में पृथ्वी की इस गति का अवलोकन किया और इससे वह पृथ्वी तथा चंद्रमा के बीच की दूरी और दिन के घंटों का पता लगा पाए।
• वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले समय में भी यही प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। आने वाले वर्षो में या यूं कहें करोड़ों वर्ष बाद पृथ्वी पर दिन 24 घंटे से ज्यादा आने की उम्मीद है।